Friday, March 24, 2023

PARKISON DISEASE (पार्किसन रोग ) क्या है ?

 


                                                                            पार्किसन रोग  (PARKISON DISEASE ) -                                                             

 पार्किसन रोग एक ऐसी बीमारी है जिसमें मस्तिष्क का हिस्सा कई वर्षों के दौरान क्षतिग्रस्त होता है

 पार्किसन रोग के तीन लक्षणों का सम्बन्ध शारीरिक गतिविधियों से है – 

1-शरीर का कोई हिस्सा अनैच्छिक रूप से हिलना –    जिसे कंपकपी कहते है                                             

2-मांसपेशियों में कड़ापन जिससे दैनिक कार्य करने में परेशानी होती है –  इसे अकडन कहते है |              

3-शारीरिक गतिविधियां धीमी हो जाती है –इसे ब्रैडीकानेशिया कहते है |                                                           

यह एक ऐसी बीमारी है जो व्यस्क लोगों में देखि जाती है |इस बीमारी का इलाज नहीं है लेकिन  दवाओं से नियंत्रण किया जा सकता है

 10-15 प्रतिशत लोगों को आनुवांशिक कारणों से यह रोग होता है |


                                                                 परिभाषा ( DEFINITION)                                                        -

दिव्यांगजन अधिकर अधिनियम 2016 के अनुसार- 


“पार्किसन रोग “ से कोई तंत्रिका प्रणाली का प्रगामी रोग अभिप्रेत है , जो कम्पन,पेशी कठोरता और धीमा  ,कठिन संचलन द्वारा चिन्हाकित होता है जो मुख्यतया मस्तिष्क के आधारीय गंडिका के अद्यपतन तथा तंत्रिका संचलन डोपामइ के ह्रास से संबंद्ध  मध्य आयु और वृद्ध व्यक्तियों को प्रभावित करता है |

                                                                   लक्षण ( SYMPTOMS) -                                                            


1.आराम की स्थिति में हाथों में होने वाली कम्पन |
2.आसान कार्य करने में कठिनाई  होती है या अधिक समय लगता है |
3.चलने की गति धीमी हो सकती है |
4.पैरों को घसीट कर चलने की कोशिश करता है |जिससे चलना मुश्किल होता है |
5.शरीर के किसी हिस्से में मांसपेशीयों में अकडन हो सकती है |
6.शरीर झुक सकता है या असंतुलन की समस्या आ सकती है |

PARKISON DISEASE  SYMPTOMS


7.अचेतन कार्य करने की क्षमता में कमी आ सकती है | जैसे – मुस्कराना ,पलकें झपकाना आदि
8.आवाज में परिवर्तन – जैसे –स्वर धीमा ,तीव्र और अस्पष्ट हो सकता है |
9.लिखावट में परिवर्तन हो सकता है –लिखावट
 छोटी हो  सकती है या लिखने में समस्या हो सकती है |






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